खुलासा: दिल्ली के बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहा है डुप्लीकेट iPhone

  • भारत का जुगाड़ तंत्र दे रहा है चीन के डुप्लीकेट सामान को टक्कर
  • 11 हजार रुपये में मिल जाता है 6एस मॉडल का नकली आईफोन

अगर आप इस त्यौहारी सीजन में स्मार्टफोन/आईफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए और आधिकारिक बिक्रेताओं से ही खरीदिए. खासकर तब आपको और सावधान होने की जरूरत है, जब अच्छे मोबाइल फोन को लेकर काफी सस्ता और लुभाने वाला ऑफर मिल रहा हो. वरना खूबसूरत लुक, शानदार ऐप, अच्छे फीचर और बेजोड़ कैमरा के चक्कर में आप धोखा खा सकते हैं.

इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टिगेटिव टीम (SIT) ने नकली मोबाइल फोन के बाजार का खुलासा किया है, जो कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर बेचे जा रहे हैं. वैसे तो चीन के शेनजेन का मैन्युफैक्चरिंग हब अपने डुप्लीकेट उत्पादों के लिए दुनियाभर में बदनाम है, लेकिन अब इंडिया टुडे की एसआईटी ने पाया कि भारत का ‘जुगाड़’ तंत्र भी चीन के डुप्लीकेट माल को कड़ी टक्कर दे रहा है.

दिल्ली का नेहरू प्लेस दक्षिण एशिया का इले​क्ट्रॉनिक सामान का सबसे बड़ा मार्केट है. यह कंप्यूटर पार्ट्स, सॉफ्टवेयर, मोबाइल पार्ट्स और लैपटॉप आदि सभी तरह के इले​क्ट्रॉनिक सामानों का थोक बाजार है. हमारी पड़ताल में सामने आया है कि अब यहां के टे​क्नीशियन खतरनाक स्पीड से तस्करी के पार्ट्स की मदद से आईफोन भी एसेंबल कर रहे हैं.

कितने में बिकते हैं नकली आईफोन?

नेहरू प्लेस में एक लैपटॉप स्टोर के मैनेजर और टेक्नीशियन सागर ने हमसे वादा किया कि वो 6एस मॉडल का आईफोन मात्र 11,000 रुपये में यानी वा​स्तविक दाम से एक तिहाई में ही उपलब्ध करा देंगे. उन्होंने हमें 50 पीस की डिलीवरी देने का वादा किया. एसआईटी रिपोर्टर ने पूछा, ‘क्या ये फोन यहीं पर असेंबल हुए हैं?’ सागर ने थोक में नकली माल की पेशकश करते हुए कहा, ‘हां, ये यहीं असेंबल हुए हैं.’

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रिपोर्टर ने पूछा, ‘तो असेंबल किए गए आईफोन का दाम कितना होगा?’ स्टोर मैनेजर ने जवाब दिया, ‘आपको यह 11,000 में मिल जाएगा. कोई मोलभाव नहीं.’ सागर ने एसआईटी टीम के सामने ऐपल के लोगो वाला एक हैंडसेट खोलकर अपने जालसाजी के कौशल का प्रदर्शन भी किया. फिर इस टेक्नीशियन ने विस्तार से समझाया कि कैसे तस्करी के पार्ट्स को जोड़कर इन्हें तैयार किया जाता है.

5-10 मिनट में तैयार हो जाता है मोबाइल

सागर ने एक चिप, लाउडस्पीकर और पोर्ट को एक फोन में एसेंबल किया था, जिसको दिखाते हुए बताया, ‘क्या आप कह सकते हैं कि यह फोन असेंबल किया हुआ है? कोई नहीं कह सकता…एक मोबाइल फोन तैयार करने में 5-10 मिनट लगते हैं.’ उन्होंने कहा कि एक टे​क्नीशियन एक दिन में इस तरह के 30-40 आईफोन ​बना सकता है. सागर का स्टोर एक बड़े से हॉल में है, जो कि वास्तव में नकली आईफोन की एक छोटी फैक्ट्री है. यहां पर तीन लोग बिना किसी आधुनिक तकनीक या उपकरण के मैन्युअली दर्जनों नकली फोन तैयार करते हैं.

एक व्यक्ति रोजना कितने मोबाइल कर सकता है तैयार?

सागर ने कहा, ‘आप ऑर्डर दीजिए और मैं एक दिन में 50 पीस तैयार कर दूंगा. यह आईफोन-6 आप ऐपल के किसी भी सेंटर ले जाइए और उनसे बैट्री बदलने के लिए कहिए. कोई यह जान नहीं पाएगा कि यह नकली है.’ सागर ने दावा किया कि नेहरू प्लेस के सभी स्टोर उनकी पायरेटेड डिवाइसेज रखते हैं. ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (ASPA) के मुताबिक देश में नकली उत्पादों के चलते विभिन्न सेक्टर्स में सालाना एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान होता है.

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पूरे दिल्ली में बिक रहे नकली स्मार्टफोन

एसोसिएशन का कहना है कि पायरेटेड सामान का बाजार पिछले कुछ वर्षों में बहुत बढ़ गया है. यहां तक कि नकली सामानों का बाजार कुल वैश्विक व्यापार का 3.3 प्रतिशत है. 2015 की शुरुआत में नेहरू प्लेस अमेरिका के ट्रेड प्रतिनिधियों की सूची में सबसे कुख्यात बाजारों में से एक था. लेकिन इंडिया टुडे की एसआईटी ने पाया कि नेहरू प्लेस के कुछ तकनीकी ठग अब नकली सामान विक्रेता से नकली सामानों के निर्माता बन गए हैं.

हमारी जांच में सामने आया कि ये नकली स्मार्टफोन पूरी दिल्ली में धड़ल्ले से बिक रहे हैं. पुरानी दिल्ली की लाजपत राय मार्केट में ‘जय भोले स्टोर’ के बिक्रेता राहुल और विकी ने अपनी दुकान में इस ग्लोबल ब्रांड का नकली वर्जन डिस्प्ले किया हुआ है. हालांकि बातचीत में वो इसे असली बताते हैं. राहुल ने सैमसंग एस9 और एस9 प्लस, आईफोन के XS Max और 8 Plus मॉडल का नकली वर्जन भी दिखाया. राहुल ने गारंटी लेते हुए कहा, ‘किसी को पता नहीं चलेगा कि ये नकली हैं…सिर्फ कुछ खतरनाक टेकसेवी ही हैं जो यह जान सकते हैं कि यह नकली है.’

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कितने दिन में बाजार में आता है नकली आईफोन?

लाजपत राय मार्केट के खुदरा विक्रेता इन नकली स्मार्टफोन को घरेलू बाजार से लेकर विदेशों तक में बेच रहे हैं. ऐपल ने जब अपना लेटेस्ट आईफोन-11, जिसकी कीमत 64 हजार 900 से 141 हजार 900 तक है, कैलिफोर्निया में लॉन्च किया होगा ​तो यह कल्पना भी नहीं की होगी कि एक महीने से भी कम समय में इसका नकली वर्जन कम दाम में दिल्ली में उपलब्ध हो जाएगा.

इंडिया टुडे की इंवेस्टिगेशन में सामने आया कि गफ्फार मार्केट में अनधिकृत विक्रेता आईफोन-11 का नकली वर्जन 15 हजार रुपये में बेच रहे हैं. थोक में लेने पर मात्र 8,500 रुपये में उपलब्ध है. गफ्फार मार्केट के एक विक्रेता विकी ने ऑफर किया, ‘थोक में आपको आईफोन-11 सिर्फ 8,500 में मिल जाएगा. हम खुदरा में इसे 12,000 से लेकर 15,000 रुपये में बेच रहे हैं.’  

इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज महेंद्रू ने बताया कि नकली स्मार्टफोन उद्योग एक कम मार्जिन वाला, लेकिन अधिक मात्रा वाला व्यवसाय है. उन्होंने कहा कि कई बार ग्राहक जानबूझ कर नकली माल खरीदते हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि कम से कम दो से तीन फीसदी फोन इसी तरह के हैं. बेशक जब आप बड़े पैमाने पर बात करेंगे तो यह संख्या बहुत ज्यादा है. उपभोक्ताओं को मेरी सलाह और गुजारिश है कि अगर आप आईफोन या अच्छे सैमसंग फोन खरीदना चाहते हैं, तो मार्केट में अच्छे दामों में उपलब्ध हैं. इसलिए वारंटी के साथ में असली माल खरीदें.’