SC का फैसला- विवादित जमीन रामलला की, मुस्लिम पक्ष को कहीं और 5 एकड़ जमीन दी जाएगी

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। दशकों से चल रहे अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने जमीन पर मलिकाना हक रामलला को दिया है। वहीं मुस्लिम पक्ष को कहीं ओर 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाएगी। 5 जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से यह फैसला दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुबह 10.30 बजे फैसला पढ़ना शुरू किया था। आधे घंटे में पूरा फैसला पढ़ा गया। कोर्ट ने मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार को देते हुए तीन महीने में स्कीम तैयार करने का आदेश दिया है। वहीं मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। साथ ही भगवान श्रीराम को इमाम-ए-हिन्द का दर्जा दिया है। 

LIVE UPDATE

  • 11.00: सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। 
  • 10.59: विवादित जमीन पर रामलला को मिला मालिकाना हक, मुस्लिम पक्ष कहीं ओर 5 एकड़ जमीन दी जाए
  • 10.58:सुप्रीम कोर्ट ने कहा, विवादित जमीन रामलला को दी जाएगी।
  • 10.57:केन्द्र सरकार 3 महीने में स्कीम बनाए। सरकार ट्रस्ट बनाकर मंदिर निर्माण के नियम बनाने का आदेश दिया।
  • 10.56: हाईकोर्ट ने तीन हिस्से किये तो तार्किक नहीं। हर मजहब के लोगों को बराबर का सम्मान संविधान ने दिया है। बाहर हिंदुओं की पूजा सदियों तक चलती रही। 
  • 10.55:सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सुन्नी वक्फ बोर्ड को वैकल्पिक जमीन देना जरुरी 
  • 10.54:नमाज की जगह को मस्जिद मानने के हक मना नहीं करते।बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। 6 दिसंबर को स्टेटस का ऑर्डर होने के बाद भी ढांचा गिरा
  • 10.53:जमीन के तीन हिस्से किये जाने के फैसले को सही नहीं माना
  • 10.52:1856-57 तक नमाज पढ़ने के सबूत नहीं। 
  • 10.51:यात्रियों के वृतांत और पुरातत्विक सबूत हिंदुओं के हक में। 
  • 10.50:1856 से पहले अंदरुनी हिस्से में हिंदू भी पूजा करते थे। रोकने पर बाहर चबूतरे पर पूजा करने लगे। 
  • 10.49:ढांचे के नीचे पुरानी रचना से हिंदू दावा माना नहीं जा सकता। अंग्रेजों ने दोनों हिस्से अलग रखने के लिए रेलिंग बनाई थी। 
  • 10:48:सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ASI रिपोर्ट में मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने का जिक्र नहीं
  • 10:47:सुन्नी ने जगह को मस्जिद घोषित करने मांग की है।
  • 10:46:ढांचे के नीचे पुरानी रचना से हिंदू दावा माना नहीं जा सकता
  • 10:46:हिंदू मुख्य गुंबद को ही जन्म का सही स्थान मानते है। 
  • 10.45:सुप्रीम कोर्ट ने कहा, चबूतरा, भंडारा और सीता रसोई से भी राम के होने की पुष्टि होती है। 
  • 10.44:विवादित जगह पर हिंदू पूजा करते थे। 
  • 10.43:रामलाल में ऐतिहासिक ग्रंथों के विवरण रखे।
  • 10.42:कोर्ट ने कहा, मस्जिद की मुख्य गुंबद ही रामलला का जन्म स्थान 
  • 10.41:जमीन का विवाद का फैसला कानूनी आधार पर। 
  • 10.40:हिंदुओं की आस्था है कि राम का जन्म हुआ था। 
  • 10.40:अयोध्या में राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया।
  • 10.39:विवादित ढांचे में पुराने पत्थर, खंभे का इस्तेमाल हुआ।
  • 10.38:सुन्नी वक्फ बोर्ड को बड़ा झटका बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी।
  • 10.37:रामलला को कानूनी मान्यता दी। कोर्ट ने कहा, खुदाई में मिले सबूतों की अनदेखी नहीं कर सकते।
  • 10.36:कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट हदीस की व्याख्या नहीं कर सकता। नमाज पढ़ने की जगह को मस्ज़िद मानने के हक को हम मना नहीं कर सकते। 1991 का प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट धर्मस्थानों को बचाने की बात कहता है। एक्ट भारत की धर्मनिरपेक्षता की मिसाल है। 
  • 10.34:सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज
  • 10.34:चीफ जस्टिस फैसला पढ़ रहे है। आधे घंटे में पूरा फैसला पढ़ लिया जाएगा
  • 10.33:शिया और सुन्नी केस में एक मत से फैसला आया है। ध्यान रहे ये मामला आयोध्या केस से अलग है।
  • 10:32:शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज
  • 10.30:कोर्ट रूम में पहुंचे चीफ जस्टिस समेत सभी जज
  • 10.29:फैसले की फाइल कोर्ट में पहुंची।
  • सुप्रीम कोर्ट: राम लल्ला देवता वकील, सीएस वैद्यनाथन (चरम अधिकार), डॉ। राजीव धवन के साथ बातचीत में, सुन्नी वक्फ बोर्ड के वरिष्ठ वकील, सीजेआई कोर्ट रूम के बाहर
  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट पहुंचे चुके हैं। 
  • जस्टिस बोबड़े अपने आवास सुप्रीम कोर्ट के लिए रवाना।
  • सुप्रीम कोर्ट परिसर में सुरक्षा कर्मियों को ब्रीफ किया जा रहा है। अयोध्या जमीन मामले में आज सुबह 10:30 बजे फैसला सुनाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच।
  • सुप्रीम कोर्ट के गेट के बाहर पुलिस और अर्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च, इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के अंदर दाखिल होने वाली तमाम कारों की जबरदस्त चेकिंग की जा रही है।
  • राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज सुबह 10 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी
  • अयोध्या भूमि मामले में फैसले के आगे सुप्रीम कोर्ट के बाहर सुरक्षाकर्मी। पूरे इलाके में धारा 144 लागू है। 
  • भागवत ने की शांति की अपीलअयोध्या केस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। भागवत आज दोपहर 1 बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।
  • कर्नाटक में अयोध्या पर फैसले से पहले पूरे राज्य में धारा 144 लागू। हुबली-धारवाड़ में शराब की ब्रिकी पर रोक।
  • राजस्थान सरकार ने निर्देश दिए हैं कि आज राज्य भर में सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।
  • मध्य प्रदेश में सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। राजधानी भोपाल में धारा 144 लागू 
  • अयोध्या पर फैसला आने से पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आए, उसे स्वीकार करें और शांति बरकरार रखें।
  • सुप्रीम कोर्ट में शिया-सुन्नी केस पर पहला फैसला आएगा। इस फैसले का मुख्य फैसले पर कई असर नहीं पड़ेगा। ये एक अलग मामला है। शिया-सुन्नी केस में मस्जिद को लेकर विवाद है। 
  • उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी आशुतोष पांडे ने बताया है कि फैसले को देखते हुए अर्धसैनिक बल, RPF और PAC की 60 कंपनियां और 1200 पुलिस कांस्टेबल, 250 सब-इंस्पेक्टर, 20 उप-एसपी और 2 एसपी तैनात। सुरक्षा निगरानी के लिए डबल लेयर बैरिकेडिंग, सार्वजनिक पता प्रणाली, 35 सीसीटीवी और 10 ड्रोन तैनात किए गए हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देशवासियों से अपील
  •  कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की देशवासियों से अपील
  • सुप्रीम कोर्ट आज अयोध्या विवाद पर फैसला सुनाया जाएगा। इस बार में कल रात 9.30 बजे जानकारी दे दी गई थी।
  • अलीगढ़ जिला मजिस्ट्रेट चंद्र भूषण सिंह ने कहा, 'पूरे जिले में 12 बजे (08.11.2019) से 12 बजे (09.11.2019) तक सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेगी।
  • बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त, भास्कर राव ने कहा, 'हमने आवश्यक तैनाती की है। बेंगलुरू में सुबह 7 बजे से 12 बजे के बीच धारा 144 लगा दी गई है। सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। शराब की दुकानें शनिवार को बंद रहेंगी।'
  • 2010 में आया था इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला
  • 2010 में आया था इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसलाअयोध्या विवाद पर 30 सितंबर 2010 को इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला आया था। इस फैसले में कोर्ट ने 2.77 एकड़ जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्माही अखाड़ा और रामलला के बीच बांटने का आदेश दिया था। कोर्ट के इस आदेश को ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर लंबी सुनवाई के बाद आज सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ अपना फैसला सुनाने जा रही है। 
     
  • 40 दिन लगातार चली सुनवाई
  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अयोध्या मामले में 40 दिनों तक लगातार सुनवाई की। यह सुनवाई 6 अगस्त से शुरू हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
     
  • अयोध्या में अर्धसैनिक बल के 4,000 जवान तैनात
  • अयोध्या विवाद पर फैसले को लेकर योगी सरकार से लेकर पूरा प्रशासनिक अमला हाई अलर्ट पर आ चुका है। इस कड़ी सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। 
  • संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, गृह मंत्रालय (MHA) ने उत्तर प्रदेश, विशेषकर अयोध्या में सुरक्षा तैनाती के लिए लगभग 4,000 अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, 'सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक जनरल एडवाइजरी भेजी गई है, जिसमें सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि देश में कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो।'
  • क्या है अयोध्या मामला?
  • टाइटल विवाद की कानूनी लड़ाई हिंदू और मुस्लिमों के बीच है, जिसमें दावा किया गया है कि विवादित भूमि वास्तव में भगवान राम की जन्मभूमि है, जहां बाबर के सेनापति मीर बाकई ने 1528 में एक मस्जिद का निर्माण किया था।
  • इलहाबाद हाईकोर्ट ने चार अलग-अलग सिविल केस पर फैसला सुनाते हुए विवादित 2.77 एकड़ जमीन को सभी तीन पक्षों, सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला विराजमान, के बीच समान बंटवारे को कहा था।
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली अपीलों पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने सुनवाई की। बेंच के सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायामूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर शामिल थे।
  • सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले को पहले मध्यस्थता से हल करने की कोशिश की थी। 8 मार्च 2019 को जस्टिस एफएम कलीफुल्ला की अध्यक्षता में 3 सदस्यों की एक समिति भी गठित की गई थी। सुप्रीम कोर्ट चाहता था, समिति आपसी समझौते से सर्वमान्य हल निकाले। इस समिति में आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पांचू शामिल थे।
  • समिति ने बंद कमरे में संबंधित पक्षों से बात की लेकिन हिंदू पक्षकार गोपाल सिंह विशारद ने सुप्रीम कोर्ट के सामने निराशा व्यक्त करते हुए लगातार सुनवाई की गुहार लगाई। 155 दिन के विचार-विमर्श के बाद मध्यस्थता समिति ने रिपोर्ट पेश की और कहा, वह सहमति बनाने में सफल नहीं हुए हैं। जिसके बाद कोर्ट ने रोजाना सुनवाई शुरू की।
  • सीजेआई गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने 16 अक्टूबर को मैराथन 40 दिनों की सुनवाई के बाद राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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